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महाराष्ट्र | दैनिक भास्कर Maharashtra News in Hindi (महाराष्ट्र समाचार) - Read latest Maharashtra Hindi news (महाराष्ट्र न्यूज़), Maharashtra local news in Hindi, Maharashtra breaking news updates, Maharashtra headlines with Hindi News Paper exclusively from Dainik Bhaskar.

  • महाराष्ट्र में छात्राओं ने रिपोर्टर बनकर दिखाई बदहाल सड़क:छाते को माइक बनाकर बोली- सड़क और गड्ढों का पता नहीं चलता; MLA ने मरम्मत करवाई
    on 11 August 2026 at 12:18

    महाराष्ट्र के रायगढ़ में खराब सड़क की रिपोर्टिंग कर रही स्कूली छात्राओं का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। छात्राओं ने सड़क के गड्ढे दिखाते हुए एक-दूसरे से रिपोर्टर की तरह सवाल-जवाब किए। असर यह हुआ कि स्थानीय विधायक ने सड़क के गड्ढे भरवा दिए। यह सड़क करजत तहसील की खांडपे-कोंडीवडे की तरफ जाती है। विधायक ने कहा कि बारिश के कारण सड़क का कुछ हिस्सा बह गया था। मानसून खत्म होने के बाद नई सड़क बना दी जाएगी। सड़क पर हुए गड्‌ढों की एक तस्वीर… खराब सड़क पर छात्रा का तंज- चलने पर पेट का पानी भी नहीं हिलता मुंबई से रायगढ़ 164 किलोमीटर दूर है। वीडियो में एक छात्रा नेहा अपने छाते को आईडी यानी माइक बनाती है और दूसरी छात्रा से बात करती है। तीसरी छात्रा कैमरामैन का काम करती है। वह सड़क की खराब हालत पर सवाल करती है। इस पर दूसरी लड़की मराठी में जवाब देती है,'यह सड़क समृद्धि महामार्ग जैसी है। चलने पर पेट का पानी भी नहीं हिलता। यह पैदल चलने लायक भी नहीं है।' तीसरी छात्रा, जो मोबाइल से वीडियो बनाते हुए कैमरापर्सन बनी थी, वह सड़क के गड्‌ढे दिखाते हुए कहती है- पता नहीं चल रहा है कि रास्ते में गड्‌ढे हैं या गड्‌ढों में रास्ता। वीडियो के आखिर में एक छात्रा कहती है, 'यह रिपोर्टर नेहा घारे हैं और उनके साथ कैमरापर्सन मानसी पवार हैं।' ------------- ये खबर भी पढ़ें… उत्तर प्रदेश में डीएम ऑफिस जा रहे 300-बच्चों को पुलिस ने दौड़ाकर पकड़ा: हमीरपुर में तिरंगा लेकर खराब सड़क की शिकायत करने जा रहे थे उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में सड़क नहीं बनने पर मंगलवार को स्कूल के छात्र-छात्राओं ने हाथ में तिरंगा लेकर विरोध प्रदर्शन किया। बच्चे तिरंगा लेकर डीएम से मिलने उनके ऑफिस जा रहे थे। लेकिन, पुलिस ने सभी को कलेक्ट्रेट के गेट पर ही रोक दिया। इस पर बच्चे दौड़कर अंदर जाने लगे, तो पुलिस ने उनको पकड़कर गेट से बाहर कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…

  • बारामती एयरफील्ड पर ट्रेनर प्लेन रनवे से उतरा:2 लोग सवार थे, कोई घायल नहीं; डिप्टी CM सुनेत्रा बोलीं- विमान का पहिया फंस गया था
    on 9 August 2026 at 08:24

    महाराष्ट्र के बारामती एयरफील्ड पर ट्रेनिंग एक्सरसाइज के दौरान एक ट्रेनर प्लेन रनवे से फिसल गया। पुणे के एसपी के मुताबिक, प्लेन में कैप्टन चिराग शशिकांत डोइफोडे और कैडेट अभिजीत जूंद्रे सवार थे। दोनों सुरक्षित हैं और किसी के घायल होने की खबर नहीं है। घटना के तुरंत बाद प्लेन के क्रैश होने की खबरें आई थीं। हालांकि, डिप्टी CM और बारामती विधायक सुनेत्रा पवार ने क्रैश की खबरों को खारिज किया। उन्होंने बताया कि प्लेन रनवे पर ही था और टर्न लेते समय एक पहिया किनारे पर फंस गया। इसके अलावा कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ है। DGCA की टीम घटना की शुरुआती जांच करेगी। सिविल एविएशन मिनिस्ट्री का कहना है कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ और न ही किसी की मौत हुई है। बल्कि एयरक्राफ्ट के प्रोपेलर, इंजन काउलिंग और नोज लैंडिंग गियर को नुकसान पहुंचा है। दरअसल, 28 जनवरी को महाराष्ट्र के तत्कालीन डिप्टी CM अजित पवार का विमान बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया था। हादसे में अजित पवार समेत 5 लोगों की मौत हो गई थी। पुलिस बोली- लैंडिंग इमरजेंसी की ट्रेनिंग के दौरान हादसा पुणे पुलिस के अनुसार, ट्रेनर प्लेन में सर्किट और लैंडिंग इमरजेंसी की ट्रेनिंग कराई जा रही थी। इसी दौरान वह रनवे-29 के अंतिम हिस्से (थ्रेशहोल्ड) से आगे निकल गया। इसके बाद पक्के रनवे से बाहर चला गया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी घटना की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे। शुरुआती जानकारी में इसे रनवे एक्सकर्शन यानी विमान के रनवे की तय सीमा से बाहर निकलने की घटना बताया गया है। हादसे की वजह अभी साफ नहीं हुई है। मामले की जांच की जारी है। 13 मई: बारामती एयरपोर्ट के पास ट्रेनिंग विमान की क्रैश लैंडिंग हुई इससे पहले 13 मई 2026 को बारामती एयरपोर्ट के पास रेडबर्ड कंपनी का एक ट्रेनिंग विमान क्रैश लैंडिंग में हादसे का शिकार हो गया था। विमान गोजुबाबी गांव के पास गिरा और जमीन पर आने से पहले एक बिजली के खंभे से टकरा गया। उस समय विमान में सिर्फ एक ट्रेनी पायलट था, जिसे कोई गंभीर चोट नहीं आई। बारामती में चुनावी रैलियों को संबोधित करने गए थे अजित अजित पवार का प्लेन 28 जनवरी को बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान क्रैश हो गया था। हादसे में उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफसर, एक अटेंडेंट, पायलट-इन-कमांड सुमित कपूर और फर्स्ट ऑफिसर शम्भावी पाठक की भी मौत हो गई। अजित पवार VSR वेंचर्स कंपनी की लेयरजेट 45 प्लेन सुबह 8:10 बजे मुंबई से रवाना हुए थे। लगभग 8:45 बजे प्लेन क्रैश हो गया। पवार स्थानीय निकाय चुनावों से पहले अपने होमटाउन बारामती में चार चुनावी रैलियों को संबोधित करने वाले थे। पूरी खबर पढ़ें… ----------------------------- यह खबर भी पढ़ें… फुकेट-दिल्ली फ्लाइट पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव होने की खबर:एअर इंडिया विमान टर्बुलेंस से 300 फीट नीचे आ गया था; 4 अगस्त की घटना थाईलैंड के फुकेट से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की फ्लाइट के दो पायलटों में से एक का डोप टेस्ट फेल होने का दावा किया जा रहा है। यह फ्लाइट 4 अगस्त को तेज टर्बुलेंस में फंस गई थी और अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गई थी। पूरी खबर पढ़ें…

  • भागवत बोले- जेन-जी हमारी पीढ़ी से ज्यादा ईमानदार और देशभक्त:हमें उनकी बात समझनी चाहिए, उनसे बात नहीं हुई तभी तो आंदोलन हुआ
    on 6 August 2026 at 09:30

    संघ प्रमुख मोहन भागवत ने गुरुवार को मुंबई में Gen-Z और Gen-अल्फा से 1 घंटे तक संवाद किया। उन्होंने कहा कि जेन-जी और जेन-अल्फा, पुरानी पीढ़ी से भी ज्यादा देशभक्त और ईमानदार है। उन्होंने कहा- हमें उनकी बात सुननी चाहिए। उनसे बातचीत में कमी थी, इसीलिए दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलन हुआ। उन्होंने ये बात मुंबई में इंडिया इंटरनेशनल मूवमेंट टू यूनाइट नेशंस यानी IIMUN की 15वीं वर्षगांठ पर कही। प्रोग्राम में 11 से 19 साल की उम्र के करीब 2,000 छात्र शामिल हुए। NEET पेपर लीक के खिलाफ देशभर में प्रदर्शनों के बाद इसे RSS का युवाओं के साथ सबसे अहम संवाद माना जा रहा है। जंतर-मंतर पर 36 दिन चले आंदोलन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा था। भागवत ने कहा- सुधार के लिए आंदोलन जरूरी, 10 बड़ी बातें… 1. सरकार की गलती पर: आंदोलन तब होता है, जब बातचीत नाकाम हो जाती है। अगर सरकार ने पहले ही बात कर ली होती, तो आंदोलन की जरूरत नहीं होती। आंदोलन भी बातचीत का एक तरीका है। 2. Gen-Z की सोच पर: हम लोग जब Gen-Z की उम्र में थे, तब बड़े जो कहते थे, हम मान लेते थे, सवाल नहीं करते थे। आज की Gen-Z सवाल करती है। उन्हें जवाब चाहिए और प्यार भी चाहिए। 3. Gen-Z के अधिकार पर: Gen-Z को आंदोलन नहीं करना चाहिए, यह तो हम नहीं कहेंगे। संविधान में लिखा है कि प्रदर्शन करना चाहिए, लेकिन यह कैसे करना है, उसे देखना चाहिए। 4. Gen-Z के विरोध पर: हमें भी देखना होगा कि अगर Gen-Z चिल्ला रही है, तो कोई तकलीफ है, तभी चिल्ला रही है। आंदोलन हमारे या आपके खिलाफ नहीं, बल्कि सिस्टम में सुधार के लिए होना चाहिए 5. Gen-Z पर देश विरोधी होने के आरोप पर: अगर Gen-Z आंदोलन कर रही है, तो वह एंटी-नेशनल नहीं है। वे अपने लोग हैं, हमारी अगली पीढ़ी हैं। उनसे हमारा संबंध है। उन्हें हमारी बात समझनी चाहिए और हमें उनकी बात समझनी चाहिए। 6. जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज पर: यह क्यों हुआ, किसलिए हुआ, उसका कारण जानना होगा। इसे देखकर तय करना होगा कि कहां गड़बड़ है। मैं भी पढ़कर बता रहा हूं। कुछ उपद्रवी शामिल हुए, यह न्यूज पेपर में पढ़ा है। अगर मुझे आंख मूंदकर भरोसा करना है, तो मैं Gen-Z पर कर सकता हूं। 7. शिक्षण संस्थानों की दुर्दशा पर: शिक्षा कमर्शियल बिजनेस नहीं है। वह सर्वसुलभ हो, ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर होना चाहिए। ऐसा किसी ने नहीं कहा कि सरकार ही पूरी शिक्षा चलाए। हमें भी सहयोग करना होगा। तभी सुधार होगा। बाद में पाठ्यक्रम की बात आनी चाहिए। 8. पाकिस्तान-चीन से बातचीत बंद होने पर: लड़ाई के समय हमें सरकार का साथ देना चाहिए। लेकिन जब एक बार लड़ाई खत्म हो जाए, तो बातचीत का रास्ता ढूंढना चाहिए। क्योंकि लड़ाई परमानेंट नहीं होती। 9. सेम-सेक्स मैरिज पर: चल रहे सिस्टम को छेड़ा जाए, तो दिक्कत पैदा हो जाएगी। अगर आप नया सिस्टम ला रहे हैं, तो पहले सोसाइटी को उसके लिए तैयार करना होगा। 10. महिलाओं के नेतृत्व पर: महिलाओं की भागीदारी के बारे में सिर्फ भारत में नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के परिप्रेक्ष्य में यह तय है कि उन्हें आगे आना चाहिए। उन्हें समान अधिकार मिलें, उन्हें बराबरी का हक मिले। जंतर-मंतर पर पैलेट गन का इस्तेमाल क्यों हुआ भागवत से पूछा गया कि बच्चों को भगवान का रूप माना जाता है, लेकिन आंदोलन के दौरान उन पर लाठीचार्ज और पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ। इस पर RSS चीफ ने कहा कि यह क्यों हुआ और किन परिस्थितियों में हुआ, पहले उसका कारण जानना होगा। तभी तय किया जा सकता है कि गड़बड़ी कहां हुई। भागवत ने 'फिंगर क्लैप' किया, इसकी शुरुआत न्यूयॉर्क में 66 साल पहले हुई थी Gen-Z के इस अनोखे ताली बजाने के तरीके को 'फिंगर क्लैप' या 'माइक्रो क्लैप' कहा जाता है। इसमें हथेलियां नहीं, बल्कि उंगलियों से हल्की चुटकी जैसी आवाज निकालकर सहमति और सराहना जताई जाती है। इसकी शुरुआत 1960 के दशक में न्यूयॉर्क की ब्लैक और लैटिनो LGBTQ+ कम्युनिटी में 'साइलेंट अप्लॉज' के तौर पर हुई थी। बाद में टिकटॉक और इंस्टाग्राम रील्स के जरिए यह जेन-जी के बीच वायरल हो गया। बेबी बूमर्स से जेन-बीटा तक, हर जेनरेशन की उम्र और पहचान भागवत के स्टूडेंट्स से बातचीत कार्यक्रम से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग से गुजर जाइए…

  • बॉम्बे हाईकोर्ट बोला- गडकरी से जुड़ी आपत्तिजनक पोस्ट फौरन हटाएं:मेटा और एक्स को आदेश; अदालत ने पोस्ट करने वाले यूजर्स की जानकारी भी मांगी
    on 5 August 2026 at 09:30

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म मेटा और एक्स को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के खिलाफ आपत्तिजनक कंटेंट फौरन हटाने का आदेश दिया। साथ ही पोस्ट करने वाले यूजर्स की जानकारी भी मांगी। हाईकोर्ट ने इन कंपनियों से कहा, ‘भविष्य में भी अगर मंत्री की ओर से ऐसा कोई कंटेंट ध्यान में लाया जाता है, तो उसे भी हटाया जाएगा।' गडकरी ने 27 जुलाई को हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की थी। इसमें आरोप लगाया गया था कि सोशल मीडिया पर उन्हें और उनके परिवार को ई-20 इथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम से होने वाले कथित मुनाफे से जोड़ा जा रहा है। याचिका में कहा गया, 'लोग उनके खिलाफ आपत्तिजनक कमेंट्स और मीम बना रहे हैं। इससे उनकी इमेज खराब हो रही है।' सुनवाई के दौरान मेटा (फेसबुक और इंस्टाग्राम) और एक्स कॉर्प (पूर्व में ट्विटर) के वकील कोर्ट में मौजूद रहे। बॉम्बे हाईकोर्ट ने कहा- ऐसे मामलों के लिए सिस्टम बनाना चाहिए जस्टिस आरिफ डॉक्टर की सिंगल बेंच ने कहा, मेटा और गूगल फौरन इन पोस्ट को हटाने पर काम करे। यह भी पूछा कि क्या उनके पास ऐसा कोई सिस्टम है, जिससे बिना कोर्ट गए ऐसी पोस्ट को हटाया जा सके। प्लेटफॉर्म को ऐसी पोस्ट खुद ही हटा देनी चाहिए। जस्टिस डॉक्टर ने कहा, 'आपके पास इतनी टेक्नोलॉजी है, तो क्या आपके पास कोई ऐसा सिस्टम नहीं है, जो ऐसे मामलों को पकड़ सके। अगर कोई अश्लील या अपमानजनक चीज डालता है, तो उसे तुरंत हटा दिया जाना चाहिए। यह बहुत ही घटिया बात है।' अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दायर करने की अनुमति हाईकोर्ट ने गडकरी को मेटा और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ-साथ उन अज्ञात लोगों के खिलाफ भी सिविल मुकदमा दायर करने की अनुमति दी है, जो उनके और उनके परिवार के खिलाफ गलत जानकारी फैला रहे हैं। सोशल मीडिया पर दावे किए जा रहे हैं कि पेट्रोल में इथेनॉल मिलाने से गाड़ियों के इंजन और कई पार्ट्स को नुकसान पहुंच रहा है। E20 से क्यों जोड़ा जा रहा है गडकरी का नाम? E20 पेट्रोल में गडकरी का नाम इसलिए जोड़ा जा रहा है, क्योंकि वह लंबे समय से देश में वैकल्पिक ऊर्जा और एथेनॉल प्रोडक्शन की बात करते आ रहे हैं। वे अपने कई बयानों में कृषि उत्पादों से बनने वाले एथेनॉल और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की वकालत कर चुके हैं, ताकि महंगे कच्चे तेल का आयात कम हो सके। इसी के चलते सोशल मीडिया और इंटरनेट पर कैंपेन चलाया गया, जिनमें दावा किया गया कि गडकरी और उनका परिवार एथेनॉल और E20 नीति से हजारों करोड़ रुपए का मुनाफा कमा रहा है। ---------------- ये खबर भी पढ़ें... गडकरी बोले- 2004 से पेट्रोल में एथेनॉल मिल रहा:गाड़ियों को नुकसान का कोई सबूत नहीं देश में ई-20 पेट्रोल, एथेनॉल, माइलेज और गाड़ियों पर इसके असर को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में इन सभी सवालों के जवाब दिए। पूरी खबर पढ़ें…

  • अभिजीत दीपके बोले- पॉलिटिकल पार्टी नहीं बनाएंगे:कॉकरोच जनता पार्टी प्रेशर ग्रुप की तरह काम करेगी, देश को जन-आंदोलन की जरूरत
    on 5 August 2026 at 06:15

    CJP फाउंडर अभिजीत दीपके ने बुधवार को कहा, ‘कॉकरोच जनता पार्टी फिलहाल राजनीतिक पार्टी नहीं बनेगी। अभी भारत को एक मजबूत प्रेशर ग्रुप की जरूरत है, इसलिए कॉकरोच पार्टी उसी भूमिका में काम करेगी।' दीपके ने कहा, ‘अगर हम राजनीतिक पार्टी बनाते, तो हमारा आंदोलन सफल नहीं होता। आंदोलन इसलिए सफल हुआ, क्योंकि अलग-अलग विचारधाराओं और राजनीतिक दलों के लोग लोकतंत्र को कमजोर करने वाली चीजों के खिलाफ एक साथ आए। आज भारत को किसी नई राजनीतिक पार्टी की नहीं, बल्कि एक मजबूत जन आंदोलन की जरूरत है।’ महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में CJP की आज से दो दिवसीय बैठक शुरू हो गई है। बैठक से पहले मीडिया से बातचीत में दीपके ने बताया कि इसमें जंतर-मंतर आंदोलन की समीक्षा, E20 पेट्रोल, शिक्षा व्यवस्था जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। उन्होंने कहा कि बैठक में यह भी तय किया जाएगा कि संगठन को देशभर में कैसे मजबूत किया जाए। दीपके बोले- झारखंड के प्रदर्शन में जाएंगे, 3 बड़ी बातें… CJP के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि छात्र प्रदर्शनकारियों पर दर्ज FIR वापस कराने की मांग को लेकर सरकार से बातचीत चल रही है। घायल प्रदर्शनकारियों को कानूनी और मेडिकल मदद देने की भी तैयारी की जा रही है। सौरव ने बताया कि सोशल एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक संगठन के मेंटर बने रहेंगे और संगठन समय-समय पर उनसे सलाह लेगा। सौरव दास का दावा- मीडिया मेरे घर में घुसी, यह प्राइवेसी का उल्लंघन सौरव दास ने सोशल मीडिया X पर लिखा- कुछ यूट्यूबर और मीडिया चैनल मेरे घर में घुस आए हैं और घर के अंदर के सीन दिखा रहे हैं। यह न केवल मेरी प्राइवेसी का उल्लंघन है, बल्कि मेरे और मेरे परिवार की सुरक्षा के लिए भी बड़ा खतरा है। अगर मेरे घर पर असामाजिक तत्व हमला करते हैं, तो इसके लिए ये यूट्यूबर और उनके वे ट्रोल संचालक सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। 36 दिन तक जंतर-मंतर पर चला CJP का प्रदर्शन दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP ने 20 जून से 25 जुलाई तक, लगातार 36 दिनों तक धरना दिया था। इस दौरान हजारों छात्र, अभिभावक और युवा आंदोलन में शामिल हुए। पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक भी प्रदर्शन में शामिल हुए और भूख हड़ताल पर बैठे। 20 जुलाई को CJP ने संसद मार्च निकाला। इस दौरान छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया था। 25 जुलाई को तत्कालीन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद CJP ने धरना समाप्त करने की घोषणा की थी। CJI के बयान के बाद ऑनलाइन कैंपेन से बनी कॉकरोच पार्टी सुप्रीम कोर्ट की एक सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने युवाओं को कॉकरोच कहा था। उनकी टिप्पणी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुई। इसके बाद अमेरिका में पढ़ाई करने वाले अभिजीत दीपके ने विरोध के तौर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) नाम से एक व्यंग्यात्मक ऑनलाइन अभियान शुरू किया। सोशल मीडिया पर यह अभियान तेजी से वायरल हुआ और बड़ी संख्या में छात्र इससे जुड़ते गए। देखते ही देखते यह ऑनलाइन मुहिम एक संगठित छात्र आंदोलन में बदल गई। इसके बाद दीपके ने नीट-यूजी पेपर लीक के खिलाफ ऑनलाइन आंदोलन शुरू किया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। --------- ये खबर भी पढ़ें कॉकरोच पार्टी ने स्टूडेंट्स की लीगल मदद के लिए फंड बनाया कॉकरोच जनता पार्टी ने 27 जुलाई को पेपर लीक आंदोलन के बाद आपराधिक मामलों का सामना कर रहे छात्रों की कानूनी सहायता के लिए लीगल डिफेंस फंड बनाने की घोषणा की थी। सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने इस फंड में 1 करोड़ रुपए देने का ऐलान किया था। उन्होंने देशभर के वकीलों से भी इस कोष में योगदान देने की अपील की थी। CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा था कि केंद्र सरकार के आश्वासन के बावजूद देशभर में छात्रों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की आशंका है। उन्होंने यह भी बताया था कि इस मामले में CJP सुप्रीम कोर्ट के वकीलों के संपर्क में है। उस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपिल सिब्बल भी मौजूद थे। पूरी खबर पढ़ें…

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