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महाराष्ट्र | दैनिक भास्कर Maharashtra News in Hindi (महाराष्ट्र समाचार) - Read latest Maharashtra Hindi news (महाराष्ट्र न्यूज़), Maharashtra local news in Hindi, Maharashtra breaking news updates, Maharashtra headlines with Hindi News Paper exclusively from Dainik Bhaskar.

  • हैदराबाद में 33000, मुंबई में 5000+ गणेश मूर्तियों का विसर्जन:मध्य प्रदेश में विजर्सन के दौरान 5 लोग डूबे, 1 की मौत
    on 24 September 2026 at 23:30

    गणेश उत्सव के आखिरी दिन देशभर में गणेश प्रतिमाओं का नदियों, तालाबों, झीलों और कृत्रिम कुंडों में विसर्जन किया गया। हैदराबाद में 33 हजार से ज्यादा और मुंबई में करीब 6000 मूर्तियों का विसर्जन किया गया। विसर्जन जुलूसों के लिए मुंबई में 25 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। विसर्जन के लिए 383 कृत्रिम कुंड बनाए गए हैं। हैदराबाद में भी 25-30 हजार पुलिसकर्मी सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था संभालने में लगे हैं। निगरानी के लिए 24 ड्रोन और 10 हजार CCTV कैमरे लगाए गए हैं। इधर, मध्य प्रदेश में गणेश प्रतिमा विसर्जन के दौरान अलग-अलग घटनाओं में पांच लड़कों के डूबने की आशंका है और एक अन्य लड़के की मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि भिंड में तीन लड़के लापता हो गए, खंडवा में दो भाई लापता हैं और सीहोर में एक लड़का डूब गया। देशभर में गणेश विसर्जन से जुड़ी तस्वीरें…. मुंबई में पिछले 10 दिन में डेढ़ लाख से ज्यादा मूर्तियों का विसर्जन BMC के अनुसार, इस साल अब तक 12 दिनों तक चलने वाले त्योहार के दौरान डेढ़ दिन, पांच दिन, छह दिन और सात दिन की अवधि में 1,63,386 गणपति मूर्तियों का विसर्जन किया गया है। देशभर में गणपति विसर्जन के अपडेट्स के लिए नीचे लाइव ब्लॉग को देखें…

  • IIT बॉम्बे कैंपस और हॉस्टल से सीलिंग फैन हटेंगे:साहिल सुसाइड केस के बाद फैसला; CCTV में आखिरी बार एग्जाम हॉल से हॉस्टल जाते दिखा
    on 22 September 2026 at 05:20

    IIT बॉम्बे में बीटेक स्टूडेंट साहिल वाकोडे की मौत के बाद कैंपस और हॉस्टल से सीलिंग फैन हटाए जाएंगे। संस्थान ने इनकी जगह वॉल-माउंटेड यानी दीवार पर लगने वाले फैन लगाने का फैसला लिया है। सूत्रों के मुताबिक, पंखे बदलने पर चर्चा जुलाई में एक छात्र की मौत के बाद शुरू हुई थी। साहिल की मौत के बाद इस फैसले को लागू करने की प्रक्रिया शुरू की गई। साहिल 18 सितंबर की शाम हॉस्टल कमरे में फंदे से लटका मिला था। उसकी मौत के बाद लगातार 5 दिनों से IIT बॉम्बे में छात्रों का प्रदर्शन जारी है। इधर, साहिल की मौत मामले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच एग्जाम हॉल, कैंपस और हॉस्टल की CCTV फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों के मुताबिक, फुटेज में साहिल आखिरी बार एग्जाम हॉल से निकलकर हॉस्टल की ओर जाता दिखा। इसके बाद वह अपने कमरे से बाहर नहीं निकला। क्राइम ब्रांच ने बताया 18 सितंबर के CCTV फुटेज में क्या दिखा संस्थान का दावा- ChatGPT से नकल करते पकड़ाया था साहिल साहिल की मौत को लेकर IIT बॉम्बे ने 19 सितंबर को कहा था कि मिड-सेमेस्टर एग्जाम के दौरान साहिल मोबाइल से नकल करते पकड़ा गया था। संस्थान के मुताबिक, फसने ChatGPT पर प्रश्नप्रत्र अपलोड करने की कोशिश की थी। इसके बाद साहिल ने हॉस्टल जाकर सुसाइड कर लिया। हालांकि, 21 सितंबर को संस्थान ने माफी मांगते हुए अपना बयान वापस लिया। IIT ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले बयान देना सही नहीं था। परिवार ने जाति आधारित भेदभाव के आरोप लगाए साहिल के परिवार का आरोप है कि उनके बेटे को जाति आधारित उत्पीड़न और भेदभाव का सामना करना पड़ा। परिवार ने मामले की गहराई से जांच और CBI जांच की मांग की है। साहिल के माता-पिता ने SC/ST एक्ट के तहत मामला भी दर्ज कराया है। FIR में प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला का नाम भी है। IIT बॉम्बे ने 21 सितंबर को प्रो. सूर्यनारायण दूल्ला को डीन ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव अफेयर्स के पद से हटा दिया। हालांकि, वह संस्थान में बतौर फैकल्टी काम करते रहेंगे। IIT बॉम्बे में छात्र बनाम फैकल्टी फोरम साहिल की मौत के बाद एक तरफ जहां छात्र संस्थान में जवाबदेही, पारदर्शिता, छात्र कल्याण और मेंटल हेल्थ की व्यवस्था में बदलाव की मांग कर रहे हैं। वहीं दूसरी तरफ IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम ने आरोपी प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला का समर्थन किया है। छात्रों का पक्ष: 3 बड़ी बातें फैकल्टी फोरम का पक्ष: 3 बड़ी बातें 1. प्रो. दूल्ला ने नियमों के मुताबिक कार्रवाई की: IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम के अध्यक्ष प्रो. राजकुमार पंत का कहना है कि प्रोफेसर दूल्ला ने परीक्षा के दौरान साहिल को गलत तरीके अपनाते हुए देखा और संस्थान के तय नियमों के मुताबिक कार्रवाई की। 2. जांच पूरी होने से पहले निष्कर्ष नहीं: पंत ने कहा कि मामले की जांच पूरी होने और तथ्य सामने आने से पहले किसी के पक्ष या विपक्ष में निष्कर्ष निकालना सही नहीं है। उनके मुताबिक, सोशल मीडिया या दूसरी जगहों पर धारणाओं के आधार पर राय बनाना सही नहीं होगा। 3. SC/ST सेल में शिकायत को लेकर दावा: फैकल्टी फोरम के मुताबिक, जातिगत टिप्पणियों को लेकर पिछले 3-4 महीनों में साहिल ने SC/ST सेल से संपर्क नहीं किया था और वहां उसकी कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई थी। IIT बॉम्बे में इस साल तीन सुसाइड, देश का 9वां मामला इस साल IIT बॉम्बे में सुसाइड का यह तीसरा और देश का 9वां मामला है। पिछले 6 साल के दौरान 2025 में सबसे ज्यादा 16 IIT छात्रों ने सुसाइड किया था। ग्लोबल IIT एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, पिछले 20 साल में IIT के कुल 160 छात्रों ने आत्महत्या की हैं। ------------------------------ यह खबर भी पढ़ें… क्या जातिसूचक गालियों ने IIT बॉम्बे के साहिल की जान ली; 5 साल में 65 सुसाइड, आखिर IITs में चल क्या रहा है 18,951 सीटें और हर साल 15 लाख से ज्यादा दावेदार—IIT में दाखिला मिलना सपना पूरा होने जैसा माना जाता है। लेकिन 18 सितंबर 2026 को IIT बॉम्बे के B.Tech छात्र साहिल वाकोडे की मौत ने इस सपने के दूसरे पहलू को सामने ला दिया। ग्लोबल IIT एलुमिनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, 2021 से 2025 के बीच IIT में कम से कम 65 छात्रों ने आत्महत्या की। आखिर क्या है साहिल वाकोडे की सुसाइड का पूरा मामला और IITs में चल क्या रहा है? पूरी खबर पढ़ें…

  • बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में ध्वनि प्रदूषण का मामला उठाया:बोला- हम किसी धर्म-त्योहार के नहीं, शोर के खिलाफ; राज्य सरकार से गाइडलाइन मांगी
    on 21 September 2026 at 15:31

    बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र में बढ़ते ध्वनि प्रदूषण पर खुद नोटिस लेते हुए सुनवाई की। कोर्ट ने कहा कि वह किसी धर्म या त्योहार के खिलाफ नहीं है। चिंता केवल त्योहारों और सार्वजनिक कार्यक्रमों में होने वाले शोर को लेकर है। जस्टिस जीएस कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की बेंच ने डीजे, साउंड सिस्टम और लाउडस्पीकर से होने वाले शोर पर चिंता जताई। बेंच ने मामले की अगली सुनवाई मंगलवार 22 सितंबर को तय की है। हाईकोर्ट ने राज्य के एडवोकेट जनरल मिलिंद साठे को ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों की जानकारी देने का निर्देश दिया। यह भी बताने को कहा कि मूर्ति विसर्जन जुलूसों के दौरान इन नियमों का पालन हो रहा है या नहीं। जुलूसों में शोर-वायु प्रदूषण पर भी निशाना साधा बॉम्बे हाईकोर्ट ने धार्मिक जुलूसों के दौरान होने वाले शोर और वायु प्रदूषण पर भी ध्यान दिया। साथ ही DJ और रंगीन धुआं छोड़ने वाले पटाखों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए। हाईकोर्ट ने कहा कि त्योहारों का जश्न नागरिकों के अधिकारों की कीमत पर नहीं मनाया जा सकता। अपने आदेश में कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक उत्सव संवैधानिक अधिकारों से ऊपर नहीं हो सकते। जश्न जरूर मनाए जाने चाहिए, लेकिन वे हजारों नागरिकों के कानूनी अधिकारों का उल्लंघन करके नहीं मनाए जा सकते, जो इससे गंभीर रूप से और बुरी तरह प्रभावित होते हैं और चुपचाप परेशानी झेलते हैं। आधी रात तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की परमिशन पर भी सवाल बेंच ने कहा, "हमें इन जुलूसों में आधी रात यानी 12:00 बजे तक इतना तेज संगीत बजाने की इजाजत देने में कोई तर्क समझ नहीं आता, जबकि हमें बताया गया है कि ऐसे जुलूसों के लिए म्यूजिकल इंस्ट्रूमेंट, लाउडस्पीकर और एम्पलीफायर के इस्तेमाल की इजाजत सिर्फ रात 10 बजे तक ही होती है।" कोर्ट ने कहा कि हवा की बिगड़ती गुणवत्ता को देखते हुए वह पटाखों पर पूरी तरह रोक लगाने पर विचार कर रहा है। बेंच ने कहा, "मुंबई में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति को देखते हुए, यह सही समय है कि शोर और वायु प्रदूषण फैलाने वाले और हवा को जहरीला बनाने वाले पटाखों पर रोक लगाई जाए, ताकि एक स्वस्थ वातावरण बनाया जा सके।" कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश में उठाए गए मुद्दों पर हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। पटाखे 140-175 डीबी, बड़े लाउडस्पीकर 100-120 डीबी का शोर पैदा करते हैं ध्वनि की तीव्रता डेसीबल (dB) में मापी जाती है। 85 डेसीबल से ज्यादा की आवाज में लंबे समय तक रहना स्थायी बहरेपन का कारण बन सकता है, क्योंकि कान की कोशिकाएं बहुत नाजुक होती हैं। एक सामान्य पटाखा 140 dB से 175 dB तक की आवाज पैदा कर सकता है। यह स्तर तत्काल कान के पर्दे फाड़ने और स्थायी बहरेपन के लिए पर्याप्त है। त्यौहारों या कार्यक्रमों में बजने वाले बड़े साउंड सिस्टम आमतौर पर 100 dB से 120 dB तक पहुंच जाते हैं। इतने शोर में लंबे समय तक रहने से स्थायी श्रवण क्षति की संभावना बहुत ज्यादा होती है। 140 dB तक का शोर "पीड़ा की दहलीज" है, जिससे कान का पर्दा फट सकता है और दिमाग पर असर हो सकता है, लेकिन यह आमतौर पर तुरंत मौत का कारण नहीं बनता। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… जोगेश्वरी के विसर्जन कुंड में फैला करंट, युवक की मौत: लालबाग इलाके में भी गणेश पंडाल के पास करंट से बच्ची-महिला की मौत हुई थी मुंबई के जोगेश्वरी ईस्ट में एक और व्यक्ति की करंट लगने की घटना सामने आई। यह घटना लिली व्हाइट बिल्डिंग के पास श्यामनगर तालाब में दोपहर 12:20 बजे हुई। जहां गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए 5 कृत्रिम कुंड बनाए गए थे। इनमें से 4 कुंड आधी रात के बाद बंद कर दिए गए थे। पढ़ें पूरी खबर…

  • IIT-बॉम्बे सुसाइड केस में प्रोफेसर को डीन पद से हटाया:संस्थान ने माफी मांगी, कहा था- नकल करते पकड़ा था; 20 साल में IITs में 160 आत्महत्याएं
    on 21 September 2026 at 05:40

    IIT बॉम्बे ने बीटेक स्टूडेंट साहिल वाकोडे की मौत मामले में प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला को डीन पद से हटा दिया गया है। हालांकि वे अभी प्रोफेसर पद पर बने रहेंगे। वहीं, संस्थान ने साहिल की मौत को लेकर पहले कही गईं अपनी बातों के लिए माफी भी मांगी है। कहा कि साहिल की मौत से पहले क्या हुआ था, इसकी जांच पूरी होने से पहले कुछ भी कहना सही नहीं था। 22 साल के साहिल IIT बॉम्बे के एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में सेकेंड ईयर के स्टूडेंट थे। 18 सितंबर की रात वे पवई कैंपस स्थित हॉस्टल के कमरे में मृत मिले थे। IIT बॉम्बे ने 19 सितंबर को अपने ऑफिशियल बयान में कहा था कि घटना वाले दिन साहिल को मिड-सेमेस्टर एग्जाम में फोन का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। संस्थान ने दावा किया था साहिल ने ChatGPT पर क्वेश्चन पेपर अपलोड करने की कोशिश की। फिर हॉस्टल जाकर सुसाइड कर लिया। इस साल IIT बॉम्बे में सुसाइड का यह तीसरा और देश का 9वां मामला है। पिछले 6 साल के दौरान 2025 में सबसे ज्यादा 16 IIT छात्रों ने सुसाइड किया था। ग्लोबल IIT एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, पिछले 20 साल में IIT के कुल 160 छात्रों ने आत्महत्या की हैं। IIT बॉम्बे ने कहा- डायरेक्टर ने अभी इस्तीफा नहीं दिया IIT बॉम्बे ने डायरेक्टर प्रो. शिरीष केदारे के इस्तीफे को लेकर भी सफाई दी। संस्थान ने सोमवार को बयान जारी कर बताया कि डायरेक्टर ने इस्तीफा नहीं दिया है। इससे पहले रविवार देर रात डायरेक्टर ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ 3 घंटे मीटिंग की थी। उन्होंने छात्रों से कहा था कि वह तय प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस्तीफा देंगे। डायरेक्टर ने छात्रों की 18 मांगों वाले डॉक्यूमेंट पर साइन भी किए थे। उधर IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला के समर्थन में कैंपस मार्च निकाला। छात्रों की 18 मांगों में डायरेक्टर के इस्तीफे सहित कई शर्त… पेरेंट्स का आरोप- प्रोफेसर ने साहिल को जातिसूचक गालियां दीं साहिल के माता-पिता ने प्रोफेसर दूल्ला समेत अन्य लोगों के खिलाफ 19 सितंबर को FIR दर्ज कराई थी। साहिल के पिता रविंद्र वाकोडे ने कहा कि प्रोफेसर दूल्ला उनके बेटे को जातिसूचक गालियां देते थे और करीब 3 महीने से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था। साहिल के पिता ने अपनी शिकायत में IIT बॉम्बे के डायरेक्टर श्रीशिश बी. केदारे, कुछ फैकल्टी मेंबर्स और सीनियर अधिकारियों के नाम भी दिए। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि डायरेक्टर के निर्देश पर साहिल का उत्पीड़न किया गया। पुलिस ने आत्महत्या के लिए उकसाने और SC/ST एक्ट की संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। मामले की जांच अब मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच कर रही है। PTI के मुताबिक, क्राइम ब्रांच आरोपी प्रोफेसर और अन्य लोगों को पूछताछ के लिए बुला सकती है। IIT ने कहा- साहिल के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई नहीं की थी IIT बॉम्बे ने अपने पुराने बयान में कहा था कि एग्जाम में फोन का इस्तेमाल करते पकड़े जाने के बावजूद साहिल के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू नहीं की गई थी। इंस्ट्रक्टर और विभागाध्यक्ष ने उनसे बात की और काउंसलिंग की थी। संस्थान के मुताबिक, साहिल को भरोसा दिलाया गया था कि इस घटना का उनके एकेडमिक करियर पर बुरा असर नहीं पड़ेगा। इसके बाद वह हॉस्टल लौट गए और बाद में अपने कमरे में मृत मिले। IIT छात्रों पर पढ़ाई का दबाव सबसे बड़ा कारण IIT के एक सर्वे के मुताबिक, संस्थान में हर 10 में 6 से ज्यादा छात्रों ने एकेडमिक तनाव को आत्महत्या का सबसे बड़ा दबाव बताया। इसका हिस्सा 61% रहा, जबकि अन्य 4 कारणों का हिस्सा मिलाकर 39% रहा। एलुमनाई सपोर्ट ग्रुप के मुताबिक, बड़ी संख्या में सुसाइड मामले परीक्षाओं के आसपास सामने आते हैं। शिक्षा मंत्रालय ने 2024 में 1,000 छात्रों पर 1 काउंसलर रखने का लक्ष्य तय किया था। हालांकि, IIT खड़गपुर में एक काउंसलर पर करीब 1,500 छात्र, IIT दिल्ली में 1,214 और IIT कानपुर में 1,058 छात्र थे। पिछले 5 साल के दौरान IIT खड़गपुर में सबसे ज्यादा आत्महत्या के मामले सामने आए हैं। छात्रों के प्रदर्शन के बीच मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाली गईं साहिल की मौत के बाद 400 से ज्यादा छात्रों ने प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस बीच मिड-सेमेस्टर परीक्षाएं टाल दी गई हैं। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें… IIT दिल्ली स्टूडेंट के सुसाइड पर बवाल:कमरा न मिलने से परेशान था, प्रोजेक्ट भी रूके, छात्रों ने किया कक्षा का बहिष्कार, गेट के बाहर प्रदर्शन बेगूसराय के ऋषिकेश कुमार ने 22 अगस्त को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) दिल्ली के कैंपस में सुसाइड कर लिया। उसने IIT दिल्ली के लेक्चरर हाल कॉम्प्लेक्स की छठी मंजिल से कूदकर जान दे दी। पूरी खबर पढ़ें…

  • जोगेश्वरी के विसर्जन कुंड में फैला करंट, युवक की मौत:लालबाग इलाके में भी गणेश पंडाल के पास करंट से बच्ची-महिला की मौत हुई थी
    on 20 September 2026 at 15:54

    मुंबई के जोगेश्वरी ईस्ट में एक और व्यक्ति की करंट लगने की घटना सामने आई। यह घटना लिली व्हाइट बिल्डिंग के पास श्यामनगर तालाब में दोपहर 12:20 बजे हुई। जहां गणेश प्रतिमा विसर्जन के लिए 5 कृत्रिम कुंड बनाए गए थे। इनमें से 4 कुंड आधी रात के बाद बंद कर दिए गए थे। कॉन्ट्रैक्टर द्वारा नियुक्त कर्मचारी रोहित भीमू राठौड़ इस कुंड में उतरा। कुंड में फैले करंट के कारण उसकी मौत हो गई। BMC के मुताबिक इस कुंड को आधी रात के बाद बंद कर दिया गया था। उन्हें तुरंत स्थानीय ट्रॉमा केयर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। यह दिन की दूसरी घटना थी, इसके पहले लालबागचा राजा पंडाल के पास हुई घटना में 2 लोगों की मौत हो गई थी। मरने वालों में 8 साल की बच्ची और एक महिला शामिल थी। हालांकि कालाचौकी पुलिस ने स्टॉल चलाने वाले कमल शेट्टी के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। लालबाग के राजा के पंडाल के पास लगे स्टॉल में करंट इससे पहले शनिवार 19 सितंबर की रात मुंबई के लालबाग इलाके के कालाचौकी में करंट लगने की घटना हुई। रिपोर्ट्स के मुतााबिक घटना से पहले वहां बहुत 50 हजार से ज्यादा लोगों की भीड़ थी। इसके चलते धक्का-मुक्की हुई। घटना में 8 साल की बच्ची और एक महिला की मौत हो गई। दरअसल, रात 2.20 बजे दत्ताराम लाड मार्ग पर कालाचौकी विभाग सार्वजनिक उत्सव मंडल के महागणपति पंडाल के प्रवेश द्वार के पास शॉर्ट सर्किट हुआ था। अधिकारियों ने बताया कि पंडाल के प्रवेश द्वार के पास पीने के पानी और कोल्ड ड्रिंक के एक अस्थायी स्टॉल पर बिजली का करंट पाया गया। इससे 4 लोग घायल भी हुए थे। मंडल के एक पुराने पदाधिकारी अमरदीप गोसावी ने आरोप लगाया कि शनिवार रात दत्तराम लाड मार्ग पर भारी भीड़ थी। न तो सड़क पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात था और न ही भीड़ को संभालने का कोई इंतज़ाम था। महागणपति के 'मुख दर्शन' की लाइन में भारी भीड़ थी, जिसकी वजह से बैरिकेड मुड़ गए और टूट गए। साथ ही, दोनों तरफ से आ-जा रही भारी भीड़ के कारण पूरी सड़क जाम हो गई थी। इसी कारण हादसा हुआ। मुंबई में 7वें दिन से 6000 ज्यादा मूर्तियों का विजर्सन BMC ने बताया कि रविवार को उत्सव के सातवें दिन रात 9 बजे तक मुंबई में कुल 6,436 गणेश मूर्तियों का विसर्जन किया गया और कोई अप्रिय घटना नहीं हुई। विसर्जित की गई मूर्तियों में से 99 सार्वजनिक गणेश मंडलों (सामुदायिक समूहों) की थीं, 6,127 घरों की थीं और 210 देवी गौरी की थीं। अलग-अलग परंपराओं के अनुसार, भगवान गणेश की मूर्तियों का विसर्जन डेढ़ दिन, तीसरे दिन, पांचवें दिन, छठे दिन, सातवें दिन और अनंत चतुर्दशी पर किया जाता है। यह त्योहार 14 सितंबर को शुरू हुआ और 25 सितंबर को समाप्त होगा। जब जुलूसों के बाद बड़ी संख्या में मूर्तियों का विसर्जन किया जाएगा। देशभर में गणेश विजर्सन से जुड़ी तस्वीरें… ------------------------ ये खबर भी पढ़ें… हरदोई में गणेश-विसर्जन यात्रा में शिव तांडव करते कलाकार आग से झुलसा: मुंह से आग का गोला निकालने के दौरान चपेट में आया हरदोई के सांडी कस्बे में रविवार को गणेश महोत्सव के समापन और अनंत चतुर्दशी के मौके पर निकली विसर्जन यात्रा के दौरान हादसा हो गया। शिव तांडव का मंचन कर रहे एक कलाकार मुंह से आग का गोला निकालने का करतब दिखाते समय गंभीर रूप से झुलस गए। पढ़ें पूरी खबर…

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